दोस्ती से जुड़े हुए ये 7 साइकोलॉजिकल फैक्ट्स नहीं जानते होंगे आप

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दोस्ती के बारे मे साइकोलॉजिकल फैक्ट्स –

दोस्त हमें हंसाते हैं, रुलाते हैं और कभी कभी तो गुस्सा भी दिलाते हैं। लेकिन ये बात हर किसी को पता है कि दोस्त जिंदगी का बहुत जरूरी हिस्सा होते हैं। दोस्तों के बिना जिंदगी बहुत ही boring और meaningless होती। ना हमारे साथ रूल्स को तोड़ने वाला कोई होता और ना ही हमें कोई गाली देने और हमारा मजाक उड़ाने के बाद भी हमें प्यार करने वाला कोई होता।

Friendship

अच्छे दोस्त हमें ऐसा confidence दिलाते हैं कि हम उनके साथ पूरी दुनिया पर राज कर लेंगे, लेकिन बुरे और fake friend हमसे हमारा सारा कॉन्फिडेंस छीन लेते हैं।

दोस्ती के बारे मे 7 साइकोलॉजिकल फैक्ट्स

 

1. Modern people drastically less friend

एक recent स्टडी में जब 1985 और 2004 के आकड़ो को कंपेयर किया गया तब पता चला कि इन 20 सालों में उन लोगों की संख्या 25 परसेंट बढ़ गई है, जो अपने दोस्तों पर trust नहीं करते हैं और इतने समय में एक इनसान की friends का नंबर 30 परसेंट गिर गया है।

ऑफकोर्स ये नंबर आज के समय में और ज्यादा होगा क्योंकि ये स्टडी सोशल मीडिया के रिवोल्यूशन से पहले की है। आजकल ज्यादातर लोगों के एक या दो या फिर जीरो फ्रेंड्स होते हैं और ये चीज हमारी मेंटल हेल्थ पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालती है।

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2. Quality matters more

अक्सर हम हर चीज के साथ ही ये सोचते हैं कि जितना ज्यादा हो उतना अच्छा है। लेकिन friendship के केस में आपके relationship की deapth और क्वालिटी ज्यादा मैटर करती है बजाय क्वांटिटी के। यानी अगर आपके 50 दोस्त हैं जिनके साथ आप मस्ती हंसी मजाक और हैंग आउट कर सकते हो, लेकिन कोई भी अगर रिलायबल और ट्रस्ट के काबिल नहीं है और ना ही आप खुद किसी अपने दोस्त की परवाह करते हो तो ऐसे दोस्त होने का क्या फायदा? आप उनके साथ रहने पर भी अकेला और ओवरडोज  फील करोगे।

जबकि अगर आपका बस 5 लोगों का ग्रुप हैं, लेकिन आप लोगों के बीच का bond बहुत ही strong है तो इस तरह की friendship आपको ज्यादा fulfillment देगी ।

इसलिए हमेशा ये कोशिश करो कि आपका फोन चाहे कई 100 और हजारों दोस्तों के नंबर से चाहे ना भी भरा हो, लेकिन जिन लोगों से आप बोलचाल लगते हो वो आपके लिए अपनी जान भी देने के लिए तैयार हों।

 

3. Genuine friendship involve huge favours and sacrifices

अब जान देने की बात आई है तो हमें ये भी समझ लेना चाहिए कि जिस तरह से आप उस feeling को तब तक प्यार नहीं बोल सकते जो दोनों के अलग होने पर खत्म हो जाती है।

वैसे ही आप उस रिलेशनशिप को दोस्ती नहीं बोल सकते जिसमें दो लोग एक दूसरे के लिए कुछ भी कहने में हिचकिचाते हैं।

बहुत से लोग इस बात को अपने मन में नॉर्मल  करके बैठे हैं कि सारे दोस्त ही मतलबी होते हैं, लेकिन ये एक झूठ है और अगर आप भी ये मानते हों कि friendship तो shallow ही होती है तो चांसेस हैं कि आप खुद भी किसी की मदद करने में believe नहीं करते हैं।

friendship का मतलब होता है कि दो या फिर दो से ज्यादा लोगों ने ये वादा कर दिया है कि चाहे उनमें से किसी भी इंसान की लाइफ में प्रॉब्लम है वह प्रॉब्लम वह सब मिलकर सॉल्व करेंगे और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे के काम आएंगे।

यही तो दोस्ती का मतलब होता है कि वो आपके सुख और दुख में आपका साथ दें और आपको हमेशा grow करने में मदद करें। इसलिए अगर आपकी friendship में आप या फिर आपके दोस्त मतलबी हैं तो समझ जाएं कि आपकी friendship fake है।

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 4. Friends make you more productive

एक ऐसा फ्रेंड जो आपको सच बताने से नहीं डरता। वो आपको लाइफ में नेविगेट करने खुद को समझने और ज्यादा productive बनने में काफी मदद कर सकता एक।

क्योंकि आपके आसपास के ज्यादातर लोग तो बस आपकी नजरों में अच्छा बने रहने के लिए आपको कभी भी अपने true थॉट्स नहीं बताएंगे।

इसलिए आप कुछ गलत करते हुए भी अपने fake friends की सुन कर ये बिलीव कर लोगे कि आप ठीक कर रहे हो और कुछ अच्छा करते हुए भी वो आपको ये भी कहने के लिए convince कर देंगे कि आप कुछ गलत कर रहे वो।

इसलिए अपने आसपास मक्खन लगाने वाले और झूठे लोगों को नहीं बल्कि सिर्फ उन्हीं दोस्तों को रखो जो आपको सच बताने की हिम्मत रखते हैं।

 

5. Man and woman can’t just stay a friend

यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन की एक recent स्टडी में भी ये पता चला कि मेल और फीमेल friendship बहुत ही recent fenominan है और कैसे ऐसी सिचुएशंस में sexual attention को avoid करना कितना मुश्किल होता है।

80 couple के sample में ये पैटर्न देखने को मिला कि हर मेल फीमेल friendship में मेल्स अक्सर अपनी फीमेल friend के towards  ज्यादा physical attract होते हैं और उनके लिए ज्यादा फीलिंग्स भी रखते हैं।

हालाकि psychology इसके साथ साथ ये भी बताती है कि अगर इस तरह की friendship एक लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप में बदल जाए तो ऐसे कपल के साथ रहने के चांसेस उन कपल्स से बहुत ज्यादा होते हैं, जो शुरुआत में friends नहीं थे।

इसलिए हमेशा लॉन्ग टर्म relationship के केस में पहले अपने पोटेंशियल पार्टनर से friendship करो, लेकिन कभी भी ये एक्सपेक्टेशन मत रखो कि आप दोनों हमेशा ही just friend रहोगे।

 

6. Friend can help you build or break habits

आपकी tandancy आपके आसपास रहने वाले लोगों से बहुत ज्यादा इनफ्लुएंस होती है।

एग्जाम्पल के तौर पर अगर आप अपना  weight loose करना चाहते हो, लेकिन आपके friends हर टाइम कुछ न कुछ जंक फूड खाते रहते हैं और आज ज्यादा move भी नहीं करते तो ऐसे में चाहे आप diet और एक्सरसाइज करना शुरू भी कर दो तब भी आप अपने friend circle को देखकर अपनी motivation खो दोगे और उनके साथ वापस से पूराने लाइफ स्टाइल पर आ जाओगे ।

यही रीजन है कि अगर आप खुद को चेंज करना चाहते हो, लेकिन आपके friends उस चेंज से बिल्कुल अलग हैं तो आपको अपने friends को ही चेंज करना होगा सही फ्रेंड्स के साथ किसी भी गोल को अचीव करना, ज्यादा फन और easier बन जाता है।

Fit friends आपको भी फिट बनने में मदद करेंगे, अमीर  friends आपको भी अमीर होना सिखा देंगे।

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7.  The cheerleader effect

ये एक cognitive bias है जो हमें ऐसा फील गिराती है कि individual लोग ज्यादा अट्रेक्टिव लगते हैं जब वो एक ग्रुप में होते हैं।

जैसे अगर दो similar attractive ness और करियर वाले लोग अगर अपनी डेटिंग प्रोफाइल पर फोटोज लगाएं जिसमें एक बंदा हर पिक्चर में अकेला है, लेकिन दूसरे की कई पिक्चर्स एक ग्रुप के साथ हैं तो चांसेस हैं कि ग्रुप फोटो वाला इंसान दूसरों को ज्यादा अट्रैक्टिव और हाई वैल्यू लगेगा।

कयोकि वो हमें पहली नजर में ही इस बात का सोशल प्रूफ मिल जाता है कि चलो atleast अगर इतने लोगों ने इस इन्सान को अप्रूव कर रखा है तो ये personality और  character मे काफी अच्छा होगा।

इसलिए अगर आप किसी को attract या फिर impress करना चाहते हो तो make sure की वो आपको आपके friends groups के साथ जरूर देखें।

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